
अंबेडकरनगर
जिला अस्पताल परिसर स्थित 100 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक में मौजूदा समय में मात्र नौ यूनिट ही खून मौजूद है। चार प्रमुख ब्लड ग्रुप बी-निगेटिव, एबी निगेटिव, ओ-निगेटिव व बी-पॉजिटिव खून की एक यूनिट भी नहीं है।
नतीजा यह है कि मंगलवार को एक महिला को खून की जरूरत पड़ी तो एक युवक ने जिला अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया।
जिला अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में खून की कमी का सिलसिला थम नहीं रहा है। इससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कहने को ब्लड बैंक की क्षमता सौ यूनिट की है लेकिन मौजूदा समय में मात्र नौ यूनिट ही खून उपलब्ध है। ए-पॉजिटिव चार यूनिट, एबी-पॉजिटिव तीन यूनिट, ओ-पॉजिटिव एक यूनिट, ए-निगेटिव खून शामिल है। बी-पॉजिटिव, बी निगेटिव, एबी पॉजिटिव व ओ निगेटिव खून मौजूदा समय में ब्लड बैंक में नहीं है।
अब ऐसे में एक एक यूनिट ब्लड के लिए मरीजों व उनके तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील क्षेत्र टांडा निवासी महिला निर्मला जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें मंगलवार को ओ पॉजिटिव खून की जरूरत थी। ब्लड बैंक में मात्र एक यूनिट ही ओ पॉजिटिव खून उपलब्ध था। ऐसे में उसके तीमारदारों से कहा गया कि इमरजेंसी के लिए एक यूनिट है। किसी को बुलाकर रक्तदान करा दीजिए। इसपर कटेहरी निवासी राजप्रताप सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। इसके बाद महिला को खून उपलब्ध हो सका।
उधर ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एएम त्रिपाठी ने कहा कि सामाजिक संगठनों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील भी किया कि वे बढ़-चढ़कर रक्तदान करें।
